Bansuri Meenakari
Different and beautifull colors available
ठाकुरजी (श्रीकृष्ण) की बांसुरी केवल वाद्य यंत्र नहीं है, बल्कि भक्ति, प्रेम और माधुर्य का प्रतीक मानी जाती है।
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ठाकुरजी के हस्त में बांसुरी शोभा बढ़ाती है
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पुष्टिमार्ग में बांसुरी को लीला और रस का प्रतीक माना जाता है
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अक्सर मोती, कुंदन या मीनाकारी से सजी बांसुरी लगाई जाती है
size—– 2inch
मीनाकारी फ्लूट ठाकुरजी के शृंगार में उपयोग होने वाली एक विशेष सजावटी बांसुरी होती है, जिस पर रंगीन एनामेल, कुंदन व बारीक नक्काशी की जाती है।-
श्रीकृष्ण की राजसी एवं माधुर्य लीला को दर्शाती है
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बसंत, फाग, झूलन, अन्नकूट जैसे उत्सवों में विशेष रूप से प्रयुक्त
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मुकुट, कड़ा, हार के साथ शृंगार को पूर्ण करती है 💙
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